भारत में कंपनी का रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया क्या है

By | May 8, 2021

भारत में कंपनी का रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया क्या है? – बहुत सारे लोग आज के समय में खुद की कंपनी बनाना चाहते हैं और खुद का प्रोडक्ट बनाकर या सर्विस देकर आय प्राप्त करना चाहते हैं। भारत में बहुत सारी कंपनियां रजिस्टर्ड हैं जो आज के समय में अच्छा कारोबार कर रही हैं और अपने अपने क्षेत्रों में पहले स्थान पर हैं। ऐसी बहुत सारी कंपनियां भी हैं जो अभी भी अपने मार्केट में अच्छा पकड़ बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। आज के समय में बाजार प्रतियोगिता काफी बढ़ गई है जिसके चलते ऐसा होता है। यदि आप भी खुद की कंपनी बनाना चाहते हैं तो इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि भारत में कंपनी का रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया क्या है?

कंपनी क्या है? (What is Company in Hindi?)

दरअसल कंपनी एक प्रकार का संगठन होता है जिसे कई व्यक्ति मिलकर एक साथ चलाते हैं। किसी भी कंपनी को शुरू करने के लिए शेयरधारकों की आवश्यकता होती है। हालांकि भारत में OPC (One Person Company) रजिस्टर करने की भी सुविधा उपलब्ध है जिसमें कंपनी का सिर्फ एक ही शेयर धारक होता है और वही इसका मालिक भी होता है। किसी भी कंपनी को एक अकेला व्यक्ति नहीं चला सकता है इसीलिए उसे सुचारू ढंग से चलाने के लिए स्टाफ की भी जरूरत पड़ती है।

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भारत में बहुत सारी वन पर्सन कंपनियां और शेयर धारकों वाली कंपनियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं। किसी भी कंपनी को चलाने के लिए कुछ नियम एवं शर्ते बनाई गई होती हैं जिन्हें रजिस्ट्रेशन के दौरान देना पड़ता है। यदि आप अपने नियम एवं शर्तों के विपरीत काम करते हैं तो आप पर कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है। किसी भी कंपनी पर कानूनी कार्यवाही होने पर शेयरधारकों को सजा या जुर्माना झेलना पड़ता है। हालांकि वन पर्सन कंपनी में कोई भी कानूनी मुकदमा कंपनी के नाम पर होता है किसी व्यक्तिगत पर नहीं।

भारत में कंपनी कितने प्रकार की होती है?

सदस्यों के आधार पर भारत में कंपनी मुख्यतः तीन प्रकार की होती है। यदि आप खुद की कंपनी शुरू करना चाहते हैं तो नीचे बताए गए कंपनी के प्रकार में से किसी के लिए भी भारत में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Private Company):

एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपके पास सदस्यों की न्यूनतम संख्या दो होनी चाहिए जिससे एक बार में अधिकतम 200 तक बढ़ाया जा सकता है। आपको इसकी इस वैधानिक सीमा का हर समय अनुपालन करना जरूरी है।

एकल व्यक्ति कंपनी (One Person Company – OPC):

यह एक प्रकार की निजी कंपनी होती है जिसे वन पर्सन कंपनी या ओबीसी के रूप में जाना जाता है। ओबीसी का रजिस्ट्रेशन कराने के दौरान आपके पास न्यूनतम एक सदस्य होना आवश्यक है। इसके लिए आपको कंपनी के मालिक के सारे कागजात एवं कंपनी के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है। इस में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको भारतीय निवासी होना जरूरी है। भारत में कंपनी एक्ट में संशोधन के बाद वन पर्सन कंपनी को जोड़ा गया था जिसकी आज के समय में मांग सबसे अधिक है।

पब्लिक लिमिटेड कंपनी (Public Company):

सार्वजनिक कंपनी में सदस्यों की अधिकतम संख्या की कोई सीमा नहीं है। लेकिन कंपनी के रजिस्ट्रेशन के दौरान आपको कम से कम 7 सदस्यों के साथ रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। यह 7 सदस्य आपके कंपनी के शेयर होल्डर्स रहते हैं। जो कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्टेड रहती हैं उन्हें ही सार्वजनिक कंपनी कहा जाता है। ऐसी कंपनियां पब्लिक ऑफर (IPO) के जरिए पब्लिक से फंड इकट्ठा करने के लिए आकर्षित करती हैं।

कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?

किसी भी कंपनी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 4 चरणों में संपन्न होती है जिसके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं।

Digital Signature Verification

भारत में कंपनी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है इसीलिए आपको MCA पोर्टल पर फॉर्म भरने के लिए Digital Signature कराना पड़ता है। Digital Signature Verification सभी प्रस्तावित Director, Subscribers के Memorandum और Association के Articles के लिए जरूरी होता है।

Director Identification Number

Director Identification Number (DIN) किसी निदेशक के लिए एक आईडेंटिफिकेशन नंबर होता है जिसे वह व्यक्ति प्राप्त कर सकता है जो कंपनी में निदेशक बनना चाहता है। कंपनी रजिस्ट्रेशन फोन में नाम और पते के प्रमाण के साथ प्रस्तावित निदेशक का डी आई एन देना होता है

Registration on the MCA Portal:

कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने के लिए फॉर्म को भरकर MCA पोर्टल पर सबमिट करना होता है। इस फॉर्म को भरने और दस्तावेज जमा करने के लिए कंपनी के डायरेक्टर को MCA पोर्टल पर रजिस्टर करना पड़ता है। रजिस्ट्रेशन के बाद कंपनी का डायरेक्टर लॉगइन कर सकता है और MCA पोर्टल पर मौजूद सभी सर्विस को देख सकता है, इसमें फॉर्म सबमिट करना और पब्लिक डॉक्यूमेंट देखना भी शामिल है।

Certificate Of Incorporation:

जब आप रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन भर देते हैं और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर देते हैं तो फिर Registrar Of Companies उस आवेदन की जांच करता है। सत्यापन कर लेने के बाद वह कंपनी का Certificate Of Incorporation जारी कर देता है।

कंपनी रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए किन-किन कागजातों की आवश्यकता पड़ती है? (Which Documents Required For Company Registration?)

  1. भारत में कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपके पास पहचान पत्र और पता प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। इसके अलावा कंपनी के डायरेक्टर और शेयर होल्डर का भी पहचान पत्र एवं पता का प्रमाण पत्र आवश्यक है।
  2. कंपनी के डायरेक्टर और शेयर होल्डर को रजिस्ट्रेशन के समय पैन कार्ड/आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस/पासपोर्ट के रूप में पहचान पत्र दे सकते हैं। इसके अलावा पता प्रमाण के रूप में लेटेस्ट टेलीफोन बिल/इलेक्ट्रिसिटी बिल/ बैंक अकाउंट स्टेटमेंट दे सकते हैं।
  3. ऑनलाइन बिजनेस रजिस्ट्रेशन के लिए आपके कंपनी का भारत में ऑफिस होना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आपको एनर्जी बिल की रीसेंट कॉपी या प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद या वाटर बिल का कागजात देना पड़ता है ताकि इसकी जांच हो सके।
  4. इसके अलावा आपको मकान या जमीन के परमिशन के लिए मालिक से रेंटल एग्रीमेंट मेंटेनेंस बिल या NOC इत्यादि की कॉपी देना जरूरी है।

इन दस्तावेजों के साथ सभी निदेशकों का DIN और DSC जमा करना होता है। ऊपर बताए गए सभी डॉक्यूमेंट को किसी भी वन पर्सन कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रजिस्ट्रेशन के लिए जमा करना आवश्यक है।

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